वाहनचालन प्रशिक्षण : रिवर्स गियर, पार्किंग, टायर बदलना (दिन ५)

इतना सीखने के बाद अभ्यास से कार चलाना आ सकता है। कुछ विशेष बातें :-

रिवर्स गियर
रिवर्स गियर लगायें। स्टीयरिंग सीधी और उसके ऊपर वाले हिस्से को कस के पकड़ लें। सीट बेल्ट निकालें, बगल वाली सीट के ऊपर हाथ रखें और बिल्कुल पीछे देखें। अगर दायें जाना हो तो दायीं तरफ स्टीयरिंग घुमायें और बायें जाना हो तो बाईं तरफ। स्टीयरिंग बहुत थोड़ी देर के लिए घुमायें और तुरन्त सीधी कर लें। पार्किंग करने के लिए रिवर्स गियर का ही उपयोग उचित माना गया है (कोणिक या ऐन्गुलर पार्किंग को छोड़कर)

मल्टीलेवल पार्किंग लॉट

वाहनचालन प्रशिक्षण : 8 बनाना और गियर ३,४ (दिन ४)

आज बस ट्रेनिंग हुई 2 घंटे की।

स्टीयरिंग से 8 और 0 बनाना
कल घटिया स्टीयरिंग कंट्रोल को देखकर ट्रेनर ने स्टीयरिंग सिखाया। दो नारियल के पेड़ के बीच 8 की आकृति बनाना। इसके लिए लेफ्ट या राइट लॉक से पेड़ के पास से टर्न लेना है। दोनो दिशाओं में प्रयास करें। इसके बाद U टर्न सीखना है। इसके लिए एक पेड़ के पास से U टर्न लीजिए और कार सीधी कीजिये। जैसे ही दूसरी पेड़ के पास पहुँचे फिर U टर्न लीजिए और कार सीधी कीजिये। इसकी दोनो दिशाओं में अभ्यास करें। हमेशा टर्निंग पोईंट के पास से शार्प टर्न लें, अन्यथा गलती हो सकती है।

गियर 3 और 4

वाहनचालन प्रशिक्षण : गियर बदलना, बाइटिंग बिन्दू और मोड़ लेना (दिन ३)

कार प्रशिक्षण : गियर बदलना, बाइटिंग बिन्दू / हाफ क्लच
आज भी एक घंटे की ही ट्रेनिंग हुई। कार मैंने ही स्टार्ट की। सीट को सेट किया, क्लच नीचे और कार स्टार्ट। हल्का सा ब्रेक , गियर 1 और हैंडब्रेक डाउन। हाफ क्लच और धीरे से ब्रेक रीलीज़ करने से कार आगे निकली। राइट लॉक लगाकर कार को अबाउट टर्न लिया और आगे बढे। बम्प पर क्लच नीचे, ब्रेक से धीमे हुए, और बम्प से ठीक पहले ब्रेक को छोड़ दिया, पर क्लच नीचे ही है। बम्प निकल जाने के बाद हाफ कल्च पर आकर एक्सेलेरेटर।

मोड़
लेफ्ट टर्न शार्प लेना चाहिए और राइट टर्न लॉंग। इंडीकेटर का उपयोग करें। धीरे टर्न लें।

वाहनचालन प्रशिक्षण : यातायात के नियम और कार की जाँच (दिन २)

आज और कल ड्राइविंग की क्लास है। दो घंटे तक सुबह-सुबह 8-10। शाम में दो घंटे का प्रशिक्षण।

ड्राइविंग क्लास : यातायात संकेत, विज्ञान
क्लास के लिए समय से पहुँच तो गए पर पहली क्लास की बजाय यह दूसरी क्लास थी। शिक्षक हँसमुख थे और समय के पक्के। सड़क पर तीन तरह के चिन्ह होते हैं : मैन्डेटरी, चेतावनी (वार्निंग) और सूचना (इन्फोर्मेशन)। मैन्डेटरी चिन्ह गोल होते हैं : जैसे नो पार्किंग, नो ओवरटेकिंग, नो लेन चेंज, स्पीड लिमिट, रंग लाल और काला होता है, अगर नहीं माने तो जुर्माना देना पड़ सकता है। चेतावनी वाले चिन्ह त्रिकोण आकार के होते हैं : जैसे बम्प अहेड, रंग सफेद-लाल या पीला होता है, यह हमारी सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। सूचना वाले चिन्ह चौखुट होते हैं : जैसे अस्पताल, पेट्रोल पम्प, रंग नीला होता है, यह हमारी सुविधा के लिए लगाए जाते हैं।

सड़क के नियम

वाहनचालन प्रशिक्षण : परिचय, प्रदर्शन और अनुकरण (दिन १)

कल ख्याल आया कि कारचालन का प्रशिक्षण लिया जाए। बहुत ढूँढा पर घर के आस-पास कोई जमा नहीं। एक ने 2000 में बात की, 9 घंटे सिखाने के लिए और एक ने 2300 माँगा। एक अच्छी स्कूल मिली "मिनी ड्राइविंग स्कूल", यहाँ 10घंटे के लिए 2500 लगते, और यह सरकारी पंजीकृत भी है। यहाँ मैं जाने ही वाला था पर मैंने इन्टर्नेट पर मारूति ड्राइविंग स्कूल की अच्छी रिव्यू पढी। साइट पर देखा तो समझ आया कि दाम भले ही ज्यादा हो, सीखने की सही जगह यही है। आखिर सिर्फ कार ही नहीं चलाना, उसकी जानकारी और सड़क के नियमों की जानकारी भी जरूरी और लाभदायक है। सात घंटे क्लासरूम, 3 घंटे सिमुलेशन और 10 घंटे प्रैक्टिकल के लिए 4500 से 5500 तक खर्च आ सकता है। स्विफ्ट के लिए 5250 का खर्च पड़ेगा।वैसे तो कुल प्रशिक्षण 20 घंटे का है, पर यह अगले सप्ताह तक समाप्त कर हो जाएगा। साधारणतया इसमें 20 दिन लगते हैं।

कार का ऊपरी प्रदर्शन
मुझ जैसे लोगों के लिए जिनको कार का क भी नहीं पता, यह लाभदायक था। कार में तीन तरह के कंट्रोल होते हैं : 1) स्टीयरिंग 2) क्लच, ब्रेक और एक्सेलेरेटर 3) गीयर और हैंडब्रेक। स्टीयरिंग से कार दाएँ या बाएँ जा सकती है। इसे घुमाते समय हाथ क्रौस नहीं करना चाहिए। स्टीयरिंग का ऊपरी हिस्सा पकड़ें। स्टीयरिंग पकड़ते समय हाथ मुँड़े होने चाहिए। बाएँ जाने के लिए बाएँ हाथ ऊपर से नीचे करे और फिर दाएँ हाथ से ऊपर करें। उसी तरह दाएँ जाने के लिए दाएँ हाथ को ऊपर से नीचे और फिर बाएँ को नीचे से ऊपर करें। इसपर ही हॉर्न भी होता है। इसके नीचे दाईं तरफ एक हैंडल से हेडलाइट सिग्नल दे सकते हैं अगर ओवरटेक करना हो तो। हेडलाइट धीमी या तेज कर सकते हैं। पार्किग लाइट को पार्क करते समय उपयोग में लाएँ। स्टीयरिंग के बाएँ या दाएँ घुमाने से अपने आप दायाँ और बायाँ वाला इंडिकेटर जल उठता है।