वाहनचालन प्रशिक्षण : परिचय, प्रदर्शन और अनुकरण (दिन १)

कल ख्याल आया कि कारचालन का प्रशिक्षण लिया जाए। बहुत ढूँढा पर घर के आस-पास कोई जमा नहीं। एक ने 2000 में बात की, 9 घंटे सिखाने के लिए और एक ने 2300 माँगा। एक अच्छी स्कूल मिली "मिनी ड्राइविंग स्कूल", यहाँ 10घंटे के लिए 2500 लगते, और यह सरकारी पंजीकृत भी है। यहाँ मैं जाने ही वाला था पर मैंने इन्टर्नेट पर मारूति ड्राइविंग स्कूल की अच्छी रिव्यू पढी। साइट पर देखा तो समझ आया कि दाम भले ही ज्यादा हो, सीखने की सही जगह यही है। आखिर सिर्फ कार ही नहीं चलाना, उसकी जानकारी और सड़क के नियमों की जानकारी भी जरूरी और लाभदायक है। सात घंटे क्लासरूम, 3 घंटे सिमुलेशन और 10 घंटे प्रैक्टिकल के लिए 4500 से 5500 तक खर्च आ सकता है। स्विफ्ट के लिए 5250 का खर्च पड़ेगा।वैसे तो कुल प्रशिक्षण 20 घंटे का है, पर यह अगले सप्ताह तक समाप्त कर हो जाएगा। साधारणतया इसमें 20 दिन लगते हैं।

कार का ऊपरी प्रदर्शन
मुझ जैसे लोगों के लिए जिनको कार का क भी नहीं पता, यह लाभदायक था। कार में तीन तरह के कंट्रोल होते हैं : 1) स्टीयरिंग 2) क्लच, ब्रेक और एक्सेलेरेटर 3) गीयर और हैंडब्रेक। स्टीयरिंग से कार दाएँ या बाएँ जा सकती है। इसे घुमाते समय हाथ क्रौस नहीं करना चाहिए। स्टीयरिंग का ऊपरी हिस्सा पकड़ें। स्टीयरिंग पकड़ते समय हाथ मुँड़े होने चाहिए। बाएँ जाने के लिए बाएँ हाथ ऊपर से नीचे करे और फिर दाएँ हाथ से ऊपर करें। उसी तरह दाएँ जाने के लिए दाएँ हाथ को ऊपर से नीचे और फिर बाएँ को नीचे से ऊपर करें। इसपर ही हॉर्न भी होता है। इसके नीचे दाईं तरफ एक हैंडल से हेडलाइट सिग्नल दे सकते हैं अगर ओवरटेक करना हो तो। हेडलाइट धीमी या तेज कर सकते हैं। पार्किग लाइट को पार्क करते समय उपयोग में लाएँ। स्टीयरिंग के बाएँ या दाएँ घुमाने से अपने आप दायाँ और बायाँ वाला इंडिकेटर जल उठता है।

क्लच पूरी तरह दबाकर कार शुरू करें। क्लच हलका छोड़ने से कार थोड़ी आगे जाती है। क्लच और एक्सेलेरेटर साथ साथ ना दबाएँ इससे ईंजन खराब हो सकती है। क्लच को एकदम से भी ना छोड़े वरना कार अचानक से रूक जाएगी। क्लच छोड़ते छोड़ते एक्सेलेरेटर को दबाना शुरू करें। ब्रेक दबाने के लिए क्लच पूरी तरह दबा कर रखें। और हाँ, क्लच पर पूरा पैर रखें पर ब्रेक या एक्सेलेरेटर पर सिर्फ हल्का सा। बायाँ पैर सिर्फ क्लच पर और दायाँ पैर ब्रेक या एक्सेलेरेटर पर रख सकते हैं। ब्रेक दबाने से चारों पहियों पर ब्रेक लगता है। ऐसे बैठें कि पैर मुँड़े हों क्लच या ब्रेक लगाते समय। सीट को ऐसे ही फिट करें।

गीयर 1 से 5 तक होती हैं, 1 से 10, 2 से 20, 3 से 40 और इसी तरह गीयर बढाने से स्पीड बढती है। हैंडब्रेक से कार के पिछले पहिए पर ब्रेक लगती है। कार में कई तरह के मीटर लगे होते हैं। कार की स्पीड के लिए, ईंधन के लिए, ईंजन के लिए, ईंधन की कमी, गियर चेंज, सीट बेल्ट चेतावनी, रिवर्स गियर, डोर लॉक इत्यादि।

विंड शील्ड गंदा होने से उसे साफ किया जा सकता है। वाइपर को बिना पानी के चलाने से शीशे पर दाग पड़ सकता है। वाइपर एक बार, दो बार, या फिर तेज बारिश में बार-बार चालू कर सकते हैं। ड्राइवर सीट के दरवाजे पर पावर विंड़ोज बटन होते हैं, उससे शीशे एक बार में ऊपर नीचे हो सकते हैं। अगर लॉक कर दिया जाए तो सिर्फ ड्राइवर का शीशा खुल सकता है। डोर लॉक से सारे दरवाजे बंद और खोले जा सकते हैं। बटन से दाएँ और बाएँ मिरर को आगे पीछे किया जा सकता है। 20% कार और बाकी पीछे की सड़क दीखनी चाहिए। रियर मिरर में कार का पूरा पिछला भाग दिखना चाहिए। एसी के तीन कंट्रोल होते हैं। एक से पंखा तेज होता है, एक से तापमान जो कार को गरम रखने में भी काम आता है। एसी के वाल्व कार में कई जगह फिट होते हैं उन्हें सुविधा अनुसार शुरू-बंद कर सकते हैं। ठंड के समय विंड शिल्ड की एसी शुरू करने से अंदर कुहासे से पानी नहीं जमता।

ड्राइविंग सिमुलेशन
कार चलाने से पहले एक मॉडल पर बैठकर प्रैक्टिस कर सकते हैं। इसमें स्टीयरिंग, क्लच, ब्रेक, एक्सेलेरेटर, गियर और हैंडब्रेक होती है। सामने स्क्रीन पर रिपोर्ट या सिमुलेशन देख सकते हैं। पहले कार को शुरू करना, फिर बंद करना, गियर बदलना और अंत में स्टीयरिंग घुमाना।

कार को शुरू करने से पहले गियर न्यूट्रल, हैंडब्रेक अप, क्लच पूरी तरह से दबी होनी चाहिए। चाभी से शुरू करके गियर 1 पर लगाएँ। क्लच को हल्का छोड़ें और एकसेलेरेटर को दबाएँ। थोड़ी देर में हैंडब्रेक नीचे करें। क्लच को धीरे धीरे छोड़ें और एक्सेलेरेटर से स्पीड बढाएँ। कार को रोकने के लिए एक्सेलेरेटर को पूरी तरह छोड़ दें और कल्च पूरी तरह दबाएँ। फिर ब्रेक दबाएँ जबतक कार पूरी तरह से रुक नहीं जाती। हैंडब्रेक लगाएँ और गियर को न्यूट्रल पर करें। कार को चाभी से बंद करें। गियर चेंज करने से पहले एक्सेलेरेटर से कार की स्पीड इतनी बढा लें की अगला गिअर लगा सकें। एक्सेलेरेटर पूरी तरह से छोड़ें और गिअर पूरी तरह से दबाएँ। गिअर एक से दो पर करें। धीरे धीरे क्लच छोड़ें और एक्सेलेरेटर से और स्पीड बढाएँ। यह पूरी क्रिया तेज करनी होगी वरना स्पीड धीमी हो जाएगी।

अगले दिन क्लासरूम है दो घंटे की और कार के साथ दो घंटे की प्रैक्टिकल। 

वाहनचालन प्रशिक्षण
परिचय, प्रदर्शन और अनुकरण (दिन १)
यातायात के नियम और कार की जाँच (दिन २)
गियर बदलना, बाइटिंग बिन्दू और मोड़ लेना (दिन ३)
8 बनाना और गियर ३,४ (दिन ४)
रिवर्स गियर, पार्किंग, टायर बदलना (दिन ५)

3 टिप्‍पणियां: