वाहनचालन प्रशिक्षण : यातायात के नियम और कार की जाँच (दिन २)

आज और कल ड्राइविंग की क्लास है। दो घंटे तक सुबह-सुबह 8-10। शाम में दो घंटे का प्रशिक्षण।

ड्राइविंग क्लास : यातायात संकेत, विज्ञान
क्लास के लिए समय से पहुँच तो गए पर पहली क्लास की बजाय यह दूसरी क्लास थी। शिक्षक हँसमुख थे और समय के पक्के। सड़क पर तीन तरह के चिन्ह होते हैं : मैन्डेटरी, चेतावनी (वार्निंग) और सूचना (इन्फोर्मेशन)। मैन्डेटरी चिन्ह गोल होते हैं : जैसे नो पार्किंग, नो ओवरटेकिंग, नो लेन चेंज, स्पीड लिमिट, रंग लाल और काला होता है, अगर नहीं माने तो जुर्माना देना पड़ सकता है। चेतावनी वाले चिन्ह त्रिकोण आकार के होते हैं : जैसे बम्प अहेड, रंग सफेद-लाल या पीला होता है, यह हमारी सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी है। सूचना वाले चिन्ह चौखुट होते हैं : जैसे अस्पताल, पेट्रोल पम्प, रंग नीला होता है, यह हमारी सुविधा के लिए लगाए जाते हैं।

सड़क के नियम

सड़क पर लेन व ट्रैफिक रेगुलेशन के लिए धारियाँ बनी होती हैं। अगर टूटी-टूटी सफेद/पीली लाइन हो तो लेन चेंज/ओवरटेकिंग कर सकते हैं, पर सीधी धारा में नहीं। टर्न लम्बी लेनी चाहिए और कम स्पीड पर लेनी चाहिए, इससे रोलिंग डीप (सेन्ट्रीफ्यूगल फोर्स के कारण) कम रहता है और कार स्कीड या उलटती नहीं। न्यूट्रल गीयर पर कार ना चलाएँ, इससे कंट्रोल कम रहता है। अगर कार तेज हो और टर्न लेने से स्कीड करे, तो स्टीयरिंग सीधी और ब्रेक लगाने से कार को नियंत्रण में लाएँ और फिर टर्न लें। ऊपर जाने वाली गाड़ी को गीव-वे (पास) दें।
पार्किंग रिवर्स में करनी चाहिए। पहले बाईं स्टीयरिंग से कार अंदर लें और जब कार का अगला पहिया लगी हुई कार के पिछले पहिए से मिल जाए, स्टीयरिंग दाईं करें और कार सीधी करें। पार्किंग में 4 फिट आगे पिछे की दूरी रखें।

कार प्रशिक्षण - कार शुरू करने से पहले जाँच
बारिश होने के कारण सबकुठ उल्टा-पुल्टा हो गया। दो घंटे की बजाय एक घंटे की ट्रेनिंग हुई। सबसे पहले कार का निरीक्षण।
कार के बाहर
कार के नीचे कुत्ते, पीछे छोटे बच्चे, पहिये के नीचे पत्थर को देख लें या फिर कहीं तेल लीक ना हुई हो। विंड शिल्ड और पीछे का शीशा, साथ में दाएँ-बाएँ का मिरर साफ होनी चाहिए। टायर पर मुक्का मारने से अगर बाउन्स करे तो हवा का प्रेशर ठीक है। पहिये के नट-बोल्ट लगे हों। टायर घीसी ना हो। डीक्की में एक पहिया और पहिया खोलने वाला रॉड हो।
बोनेट के अंदर
ईंजन तेल का लेवल ना बहुत ज्यादा ना बहुत कम होना चाहिए। ब्रेक का तेल फुल रहना चाहिए। वाइपर में पानी भरा होना चाहिए। फैन बेल्ट टाइट होनी चाहिए। बैटरी में डीस्टील्ड वाटर फुल होना चाहिए, और बराबर मात्रा में। बैटरी की तार टाइट होनी चाहिए। अगर लम्बे समय के लिए कार नहीं चलानी तो बैटरी का तार खोल दें। वापस आने पर बैटरी को चार्ज करें और एक घंटे ईंजन ऑन करके बस रहने दें।
कार के अंदर
सबसे पहले सीट पर बैठें। स्टीयरिंग को पकड़ कर नीचे हैन्डल से सीट आगे-पीछे करें जिससे पैर L आकार में होनी चाहिए। दाएँ-बाएँ मिरर को ऐसे सेट करें की 20% कार और बाकी सड़क दिखे। रियर मिरर में सिर्फ पीछे की सड़क दीखनी चाहिए। अगर सीधे जा रहे हों तो बस रियर मिरर देखें। अगर टर्न लेना हो तो दाएँ बाएँ देखें।

कार चलाना : शुरू और बंद करना।
इसके बाद हमने कार को मैदान में चलाया। ईंजन चाभी से शुरू करने से पहले क्लच नीचे, हैंडब्रेक ऊपर और गीयर न्यूट्रल में होना चाहिए। ईंजन शुरू करने के बाद गीयर 1 पर और हैंडब्रेक नीचे करें। क्लच को लगभग आधा छोड़ने से कार आगे जाती है। अगर कार को रोकना हो तो क्लच को नीचे करें और ब्रेक धीरे से दबाएँ। कार को तेज करनी हो तो हल्का एक्सेलेरेटर दबाएँ। स्टीयरिंग में लेफ्ट लॉक से दो बार दाएँ घुमा कर व राइट लॉक से दो बार बाएँ घुमाने से वह सीधी हो जाती है। लेफ्ट लॉक का मतलब है स्टीयरिंग पूरी तहर बाएँ घुमा देना। कार को बार-बार शुरू व रोकने की प्रैक्टिस करें।

कल दो घंटे की क्लास और सम्भवतः दो घंटे की ट्रेनिंग है।

वाहनचालन प्रशिक्षण
परिचय, प्रदर्शन और अनुकरण (दिन १)
यातायात के नियम और कार की जाँच (दिन २)
गियर बदलना, बाइटिंग बिन्दू और मोड़ लेना (दिन ३)
8 बनाना और गियर ३,४ (दिन ४)
रिवर्स गियर, पार्किंग, टायर बदलना (दिन ५)

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