वाहनचालन प्रशिक्षण : रिवर्स गियर, पार्किंग, टायर बदलना (दिन ५)

इतना सीखने के बाद अभ्यास से कार चलाना आ सकता है। कुछ विशेष बातें :-

रिवर्स गियर
रिवर्स गियर लगायें। स्टीयरिंग सीधी और उसके ऊपर वाले हिस्से को कस के पकड़ लें। सीट बेल्ट निकालें, बगल वाली सीट के ऊपर हाथ रखें और बिल्कुल पीछे देखें। अगर दायें जाना हो तो दायीं तरफ स्टीयरिंग घुमायें और बायें जाना हो तो बाईं तरफ। स्टीयरिंग बहुत थोड़ी देर के लिए घुमायें और तुरन्त सीधी कर लें। पार्किंग करने के लिए रिवर्स गियर का ही उपयोग उचित माना गया है (कोणिक या ऐन्गुलर पार्किंग को छोड़कर)

मल्टीलेवल पार्किंग लॉट

आजकल मॉल में मल्टीलेवल पार्किंग होती है। अगर ऊपर जा रहे हों और आगे और पीछे दोनो कार हों तो कार को कंट्रोल करना जरूरी है अन्यथा दूसरों की कार को धक्का लग सकता है। हैंडब्रेक लगाएँ, कल्च नीचे और गियर 1 पर एक्सेलेरेटर इतनी दबाएँ की हल्की जोर से आवाज हो। क्लच को बाइटिंग पोइंट पर लाएँ, इससे कार की वाइपर वाली सतह ऊपर उठती है। फिर हैंडब्रेक छोड़ें, और धीरे धीरे क्लच को छोड़ें और एक्सेलेरेटर बढाएँ।

समांतर या पैरलल पार्किंग
कार दिवार की दिशा में खड़ी है। रिवर्स पार्किंग करनी होगी। कार आगे वाली कार के बराबर में लें, उसके लिए आइना या मिरर को मिला लें। अगर कार दूसरी दिशा में खड़ी हो तो मीड-डोर या कार के दरवाजों का मध्य हिस्सा मिलाएँ। दोनों कार के बीच में 2 फिट से ज्यादा की दूरी ना रखें। पार्किंग की दिशा में स्टीयरिंग फुल-लॉक करें और तब तक पीछे लें जब-तक कार की मिरर खड़ी कार के अंतिम हिस्से (या टेल लैम्प या हेड लैम्प) पर आ मिले। फिर स्टियरिंग को दूसरी दिशा में फूल-लॉक करें और तब-तक पीछे जाएँ कि कार दीवार से सीधी हो जाए। स्टीयरिंग को सीधी करें और पिछे जाएँ और फिर आगे, ताकि कार ठीक से पार्क हो जाए।

अभिलम्बित या वर्टीकल या परपेन्डिकुलर पार्किंग।
कार दीवार के ऊपर सीधी खड़ी है (अभिलम्बित)। कार के पिछले हिस्से को खड़ी कार के अगले हिस्से से मिलाएँ, जैसे बाएँ टेल लैम्प को उसके बाएँ हेड लैम्प से (चित्र देखें)। स्टीयरिंग को पार्किंग की दिशा में फुल-लॉक करें और तब तक पीछे लें जब तक कार सीधी नहीं हो जाति, या दीवार के अभिलम्बित। फिर कार को थोड़ा आगे पीछे लें और अच्छे से पार्क करें।

कोणिक या ऐन्गुलर पार्किंग
यह साधारणतः वन-वे या एकदिशा में जाने वाली सड़क पर होती है। कार के मीड-डोर को खड़ी कार के आगे वाले टेल-लैम्प से मिलाएँ और स्टीयरिंग को बाएँ मोड़ें ताकि कार पार्किंग लाइन में आ जाए। स्टीयरिंग सीधी करें और ठीक से पार्क करें। अगर रिवर्स पार्किंग करना हो तो अभिलम्बित या वर्टीकल पार्किंग जैसे ही पार्क कर सकते हैं।


टायर बदलना
उपयोगी लिंक : सचित्रिक वर्णन : कार के पंचर पहिये को कैसे बदलें
टायर बदलना थोड़ी शारीरिक है पर उपयोगी है। सबसे पहले वील-स्पैनर से पहिये की नट हल्की ढीली करें, जरूरत पड़े तो स्पैनर पर खड़े भी हो सकते हैं। हमेशा आमने-सामने वाले नट को पहले ढीली करें ना कि बगल वाले को। पिछले पहिये के ठीक सामने और अगले पहिये के ठीक पिछे कार के नीचे एक लोहे की लाइन है (दरवाजे के निचले हिस्से के पिछे) जिसमे जैक फीट हो सकता है। पहिये से सटकर बैठ जाएँ, जैक में जैक हैन्डल लगाकर और उसमें वील-स्पैनर लगाकर घुमाएँ और उसे ऊपर करें। जब पहिया 3-4 अंगुली ऊपर हो जाए तो रूक जाएँ, सारे नट ढीला करें और पहिया बाहर निकाल लें। अच्छा पहिया लगाएँ और उसे जितना हो सके टाइट कर लें। फिर जैक को नीचे करें और बाहर ले लें। ध्यान रहे कि नट हमेशा आमने-सामने खोलना है। नट ज्यादा टाइट भी नहीं करना है उससे वह घीस सकता है।

क्लच, गीयर, ब्रेक और एक्सेलेरेटर
अगर रूक-रूक के कार चलानी हो तो गियर 1, अन्यथा अगर धीमी-तेज कार चलानी हो तो गियर 2 से नीचे ना आएँ। पाँव की एड़ी पूरी तरह जमीन पे गड़ाएँ रखें (खासकर कल्च) और लीवर की तरह क्लच, ब्रेक और एक्सेलेरेटर को दबाएँ और छोड़ें। इससे बाइटिंग पोइंट पर आना, क्लच और ब्रेक तथा क्लच और एक्सेलेरेटर का तालमेल अच्छा रहता है। धीमी कार हो तो क्लच अचानक छोड़ने से कार में धक्का सा लगता है, इसलिए धीरे धीरे क्लच छोड़े और साथ में एक्सेलेरेटर भी दें। इससे कार स्मूद जाएगी। अगर तेज हो तो क्लच को पूरी तरह छोड़ सकते हैं।

लगभग 500किमी कार चलाने के बाद कुछ मुझे अपनी चालन विधि में कुछ खोट लगी और मैं पुनः अपने संदेह दूर करने वाहन चालन विद्यालय गया। कार शुरू करने का सबसे साधारण तरीका : थोड़ा एक्सेलेरेटर दबाकर क्लच को बाइटिंग बिन्दू (क्लच को धीरे-धीरे छोड़ने पर कार हल्की कम्पन करती है, वह बिन्दू) पर लाएँ जिससे कार आगे बढे। अगर सतह समतल ना हो ब्रेक का उपयोग करें : क्लच को बाइटिंग बिन्दू पर लाकर ब्रेक छोड़ें और एक्सेलेरेटर का प्रयोग करें। अगर कार के सामने बाधा नहीं है तो गीयर एक से जल्दी ही गीयर 2 पर आ जाएँ। गीयर 1 और 2 में क्लच और एक्सेलेरेटर के बीच साइकिल के पैडल का हिसाब जैसा है : क्लच ऊपर जाता है तो एक्सेलेरेटर नीचे। गीयर 3 से 5 तक क्लच को तुरन्त ही छोड़ देने में कोई दिक्कत नहीं है, हाँ कार की उतनी स्पीड(20-30) बनी रहनी चाहिए। अगर क्लच का उपयोग नहीं कर रहे हों तो पैर क्लच से हटाकर नीचे रख दें। किसी जाम में फँसने पर कार रूक-रूक कर चलती है। अतः ब्रेक, बाइटिंग बिन्दू और एक्सेलेरेटर तीनों का उपयोग होता रहता है। ब्रेक दबाते समय क्लच पूरी तरह नीचे होना चाहिए, वरना क्लच खराब हो सकती है। गीयर 1 और गीयर 2 तक क्लच और एक्सेलेरेटर साथ-साथ चल सकते हैं पर गीयर 3 और ऊपर नहीं। गीयर जल्दी बदलें।

वाहनचालन प्रशिक्षण
परिचय, प्रदर्शन और अनुकरण (दिन १)
यातायात के नियम और कार की जाँच (दिन २)
गियर बदलना, बाइटिंग बिन्दू और मोड़ लेना (दिन ३)
8 बनाना और गियर ३,४ (दिन ४)
रिवर्स गियर, पार्किंग, टायर बदलना (दिन ५)

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