संस्कृत लिप्यन्तरण : विकि विशेष (भाग-३)

संस्कृत लिप्यन्तरण - सार्वभौमिक और स्वचालित (भाग-१) में जैसा मैंने लिखा, संस्कृत विकि में संस्कृत के लिप्यन्तरण  उपकरण का सर्वाधिक महत्व है। विकि पर हम पढ़ सकते हैं, लिख सकते हैं और वर्तमान लेखों में संशोधन भी कर सकते हैं। इसके लेख सामान्य पाठकों द्वारा ही लिखे जाते हैं, विषयविशेषज्ञ द्वारा नहीं। अतः यह और भी आवश्यक हो जाता है कि संस्कृत विकि पर अधिक से अधिक संस्कृतभाषियों का योगदान हो, जिससे इस प्राचीन भाषा सतत् विकास हो।

पाठन
विकि पर सामान्य जानाकारी प्राप्त करना सबसे आम बात है। हमें किसी श्लोक या किसी ग्रन्थ की मूल जानकारी लेनी हो तो विकि पर जाकर इसका पाठन करते हैं। परन्तु अगर यह पाठ मात्र देवनागरी में लिखी हो, तो पाठक समुदाय सीमीत हो जाता है। अतः इस पाठ को अन्य लिपियों में दर्शाने की आवश्यकता है।

विकि के किसी लेख के सामान्यतः पाँच भाग होते हैं : (१) बाएँ ऊपरी भाग में विकि की मूल कड़ियाँ, (२) बाएँ नीचले भाग में अन्य भाषा संबंधी लेख (३) ऊपरी भाग में पाठन, संशोधन और चर्चा संबंधी कड़ियाँ (४) लेख शीर्षक (५) पूर्ण लेख जिसमें वर्ण, चिन्ह, स्वर और सँख्या सम्मिलित हैं।

पाठक के लिए भाग (२) छोड़कर लगभग सारे भाग महत्वपूर्ण हैं। बिना मूल कड़ियों के विकि के बारे में जानने मे कठिनाई होगी, मूल पाठन, संशोधन और चर्चा अच्छी लेख लिखने के लिए आवश्यक है और लेख का नाम व उसके ऊपर लिखी लेख को पढना ही पाठक का औचित्य।

लेख को किसी भी भाषा में पढ़ने के लिए उस भाषाओं की सूची बनाई जा सकती है और विकि के दाईंपट पर लगाई जा सकती है। पाठक अपनी ईच्छानुसार भाषा को चुनकर लेख पढ़ सकते हैं।

नए लेख लिखना और संशोधन
नए पाठ मुख्यतः देवनागरी में ही बनने चाहिए। परन्तु अगर पाठक देवनागरी से अनभिज्ञ हो, तो उसे अपनी भाषा में लिखने की सुविधा भी होना चाहिए। इसमें किसी भी भाषा से देवनागरी में रूपांतरण को उपयोग में लाया जा सकता है। किसी एक भाषा में लिखने के लिए उसे भाषाओं की सूची से चयन किया जा सकता है।

वर्तमान लेख का संशोधन करने के लिए भी देवनागरी का ही प्रमुख रूप से प्रयोग होना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि लेख किसी भी रूप में पढ़ा जाए या लिखा जाए, वह विकि पर देवनागरी रूप में ही सहेजा जाना चाहिए। इससे पाठ में अशुद्धियाँ कम होती हैं और एकरूपता बनी रहती है।

जबकि नए लेख को एक बार लिप्यन्तरण संबंधी अशुद्धियाँ दूर करने के लिए जाँचा जा सकता है, अन्य भाषा में संशोधन की जाँच करना थोड़ा कठिन है, पर असंभव नहीं। अगर विकि मित्र हाल ही मे हुए परिवर्तनों की अच्छे से जाँच करते रहें, तो अवश्य ही इन संशोधन में हुई त्रुटी को भी दूर किया जा सकता है।

लेख खोजना
विकि पर वांछित लेख खोजना भी एक महत्वपूर्ण क्रिया है। क्योंकि लेख देवनागरी में लिखे हैं, लेख तो देवनागरी में ही खोजने पड़ेंगे। अगर अन्य भाषा में लिखे शब्द को देवनागरी में रूपांतरित करके खोजा जाए, तो पाठक अन्य लेखों को खोज भी सकते हैं।

वरीयता से एकरूपता और सहजता
पाठक अगर किसी भाषा में ही पढ़ना और लिखना चाहते हों तो उनकी पसंद को वरीयता सूची में जोड़ा जा सकता है। इसमें सभी भाषा की सूची दी जा सकती है जिसमें लिप्यन्तरण संभव है। इससे पाठन के लिए और संशोधन के लिए अलग से भाषा चयन सूची देने की भी आवश्यकता नहीं रहेगी।

संशोधन में इस वरीयता का लाभ उठाया जा सकता है। चयनित भाषा के अनुसार ही संपादक को विशेष वर्णमाला दी जा सकती है, जिससे लेख में क्षेत्रिय वर्ण, स्वर या चिन्ह कम से कम आएँ और लेख को देवनागरी में परिवर्तित करने में अशुद्धियाँ कम हों। अगर भाषा विशेष ज्ञात अशुद्धियाँ हैं तो उसे संपादक को पहले से ही बताया जा सकता है, जिससे वह लेख में कम से कम त्रुटियाँ करे।

इसी विषय पर विकि के बगजिला पर कुछ टिपण्णियाँ भी की गई हैं, Automatic script conversion in Sanskrit language

संस्कृत लिप्यन्तरण
सार्वभौमिक और स्वचालित (भाग-१)
उपकरण रूपरेखा (भाग-२)
विकि विशेष (भाग-३)
तकनीकि विवरण (भाग-४)
संस्कृत वेबसाइट एकीकरण (भाग-५)
भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना (भाग ६)
उपकरण उत्थान संबंधी सुझाव (भाग-७)

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