संस्कृत लिप्यन्तरण : भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना (भाग ६)

संस्कृत लिप्यन्तरण का गूगल कोड पर निर्यात
संस्कृत लिप्यन्तरण उपकरण अब गूगल कोड पर जीएनयू लाइसेन्स के अन्तर्गत कोड के मुक्त स्त्रोत के रूप में उपलब्ध है। इसके कई लाभ हैं,
१) अंतर्जाल पर अन्य रूचिकर मित्र इसमें एसवीएन के माध्यम से योगदान कर सकते हैं
२) इसके डाउनलोड पृष्ठ पर उपकरण, प्रलेख, परीक्षण इत्यादि जानकारी सुगम उपलब्ध हैं
३) विकि पृष्ठों की सहायता से उपकरण को सुगमता से समझाया जा सकता है
४) गूगल के विस्तारित बुनियादी सुविधाओं जैसे अंतर्जाल से डाउनलोग गति, अधिक एचटीटीपी कनेक्शन, इत्यादि उपकरण के लिये लाभदायक हैं

उपकरण प्रयोग निर्देश
इसकी जानकारी सामान्य प्रयोग निर्देश पर दी गयी है।

भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना
संस्कृत लिप्यन्तरण परियोजना का भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना के रूप में विस्तार किया गया है। शुद्ध संस्कृत पर हालांकि क्षेत्रिय विषमतायें कम हैं, और क्षेत्रिय भाषाओं में विशेष वर्णों का अधिक प्रयोग होता है, फिर भी एस प्रयास से किसी भी भारतीय भाषा में लिखे लेख को अपनी लिपि में पढ़ा जा सकेगा।

इसमें प्रत्येक भारतीय भाषा के लिये एक लिप्यन्तरक का निर्माण होगा। यह स्थानीय लिपि को देवनागरी में परिवर्तित कर सकेगा।

सम्बन्धित क्षेत्रों की लिपियाँ आपस में जुड़ी होती हैं। अतः भारत के पूर्वी क्षेत्र (बंगाली, असमिया, नागपुरी इत्यादि), दक्षिणि क्षेत्र (कन्नड़, तेलुगू, मलयालम) इत्यादि के लिये लिप्यन्तरक भी बनाया जा सकता है।

भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना : लक्ष्य और लाभ
इस परियोजना से जावास्कृप्ट का एक साधारण उपकरण बनाया गया है, जो किसी भी वेबसाइट के लेख को एक लिपि से दूसरे लिपि में लिप्यन्तरिक कर सकेगा।
१) तत्क्षण : उपकरण तुरन्त ही लेख का लिप्यन्तरण करेगा, जिससे पृष्ठ पढ़ने में तनिक भी परेशानी नहीं होगी।
२) सहज एकाकीकरण : जैसा कि सामान्य प्रयोग निर्देश पर समझाया गया है, किसी भी वेबसाइट से इस उपकरण को जोड़ना बहुत आसान है।
३) लघु भार : यह उपकरण १०केबी से भी हल्का है, अतः इसके लोड होने में समय बिल्कुल नहीं लगेगा।
४) सुरक्षित : यह उपकरण पूर्णतः सुरक्षित है। यह ना हि वेबसाइट की किसी जानकारी को पढ़ता, बदलता या संयोजता है।
५) आंशिक लिप्यन्तरण : पृष्ठ के किसी विशेष भाग के लिप्यन्तरण की सुविधा।
६) गूगल कोड : अंतर्जाल पर होने से वेबसाइट की अंतर्जाल गति भी कम नहीं होता, कोड हमेशा उपलब्ध रहता है।
७) संयोजन और प्रिण्ट : पृष्ठ के लिप्यन्तरण हो जाने के पश्चात् इसे लिप्यन्तरित रूप में संयोजा और प्रिण्ट किया जा सकता है।

संस्कृत लिप्यन्तरण
सार्वभौमिक और स्वचालित (भाग-१)
उपकरण रूपरेखा (भाग-२)
विकि विशेष (भाग-३)
तकनीकि विवरण (भाग-४)
संस्कृत वेबसाइट एकीकरण (भाग-५)
भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना (भाग ६)
उपकरण उत्थान संबंधी सुझाव (भाग-७)

2 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छा प्रयास है। इस उपकरण के विकास में हम सहयोग करना चाहते हैं।

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  2. अवश्य आप मुझे sbharti-at-gmail-dot-com पर ईमेल द्वारा संपर्क करें और फिर आगे बात कर सकते हैं।

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