संस्कृत लिप्यन्तकरण : उपकरण उत्थान संबंधी सुझाव (भाग-७)

१) उपकरण के प्रयोग-आँकड़े : इनको इकट्ठा करना आवश्यक है। इसके लिये जब भी लिप्यन्तरक का कार्य किया जाये, उस डोमेन के लिये एक प्रयोग गिनती बढ़ाई जा सकती है। इससे नये वेबसाइट उपकरण प्रयोग करने से पहले आँकड़े देख सकते हैं।

२) उपकरण के अशुद्धियाँ आँकड़े : उपकरण पूर्णतः सही ना होने से इसमें गलतियाँ होना स्वाभाविक है। विशेष वर्ण, चिन्ह और स्वर के लिये जिनमें अशुद्धियाँ अधिक होने की सम्भावना है, उनके आँकड़ें संयोजे जा सकते हैं।

३) ब्लौग उपकरण के लिये प्लगिन : ब्लौग जैसे ब्लौगर, लाइवजरनल, वर्डप्रेस, टाइपपैड इत्यादि के लिये सहज प्लगिन जिससे इस उपकरण का प्रयोग सुगमता से किया जा सके।

४) गूगल ऐप ईंजन एकाकीकरण : गूगल कोड परियोजना सम्बन्धी जानकारी और चर्चा के लिये अच्छी  है। पर कोड चलाने और उसके प्रयोग आँकड़े इकट्ठा करने के लिये इसके पास सही साधन नहीं है। इसके लिये गूगल ऐप ईंजन और क्लाउड एसक्यूएल का प्रयोग किया जा सकता है।

संस्कृत लिप्यन्तरण
सार्वभौमिक और स्वचालित (भाग-१)
उपकरण रूपरेखा (भाग-२)
विकि विशेष (भाग-३)
तकनीकि विवरण (भाग-४)
संस्कृत वेबसाइट एकीकरण (भाग-५)
भारतीय भाषा अंतः लिप्यन्तरण परियोजना (भाग ६) 
उपकरण उत्थान संबंधी सुझाव (भाग-७)

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